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खबर-संत कुंज लालजी बुधवार शाम को भानपुरा पहुंचे पंजाबी समाज ने ढोल ढमाको आतिशबाजी एवं पुष्पहारों से किया स्वागत सत्कार

गांधीसागर। पंजाबी समाज के अराध्य गुरुदेव गोस्वामी लालजी महाराज की गादी पर विराजमान संत कुंज लालजी बुधवार शाम को भानपुरा पहुंचे। जहाँ न्यू बस स्टैंड स्थित भूटानी स्टूडियों संस्थान पर पंजाबी समाजजनों ने ढोल ढमाको आतिशबाजी एवं पुष्पहारों से स्वागत सत्कार कर लालजी महाराज की पूजा अर्चना की गई। यहां से गुरुजी का चल समारोह बस स्टेण्ड से लोटखेडी गेट होते हुए पंजाबी कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचा। पूरे मार्ग में समाज जनों के द्वारा पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी से स्वागत किया गया शोभायात्रा दुर्गा माता मंदिर चौक पर पहुंचने पर गुरुदेव द्वारा सत्संग आयोजित करते हुए अपने प्रवचन में कहा कि हम सनातनी बहुत भाग्यशाली हैं जो हमें मनुष्य जन्म मिला है और भारतवर्ष में पैदा हुए हैं और सोने में सुहागा है कि सनातन धर्म से जुड़े हुए हैं क्योंकि यह धर्म सबसे पुराना धर्म है साथ ही नाम कीर्तन भजन का महत्व बताया नाम कीर्तन से मन की शुद्धि होती है यह कलयुग का आधार है लालजी महाराज का जन्म 473 वर्ष पूर्व हुआ था। संत कुंज लालजी के द्वारा प्रवचन एवं भजन कीर्तन के पश्चात लाल जी महाराज साहब की आरती की गई। सत्संग समाप्ति के बाद समाजवृंद का भण्डारा किया गया जिसमें बडी संख्या में श्रद्धालु जनो ने भोजन प्रसादी ग्रहण की । इस संपूर्ण कार्यक्रम में पंजाबी समाज के अलावा अन्य कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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