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खबर- गिद्धों की संख्या में वृद्धि संरक्षण प्रयासों का परिणाम संख्या 932 तक पहुँची

गांधीसागर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में स्थित गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में हाल ही में संपन्न गिद्ध जनगणना में 932 गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 129 गिद्धों की वृद्धि दर्शाता है जो संरक्षण प्रयासों की सफलता को इंगित करता है। इस तीन दिवसीय सर्वेक्षण में सात प्रजातियों के गिद्धों की पहचान की गई जिनमें भारतीय गिद्ध (लंबी चोंच वाला गिद्ध), सफेद पीठ वाला गिद्ध, राज गिद्ध (लाल सिर वाला गिद्ध), मिस्र का गिद्ध, काला गिद्ध, हिमालयन और यूरेशियन ग्रिफोन शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इनमें से तीन प्रजातियाँ सर्दियों के मौसम में यहाँ अनुकूल वातावरण के कारण प्रवास करती हैं। गांधीसागर अभयारण्य में गिद्धों की संख्या में यह वृद्धि संरक्षण प्रयासों का परिणाम है, जिसमें डाइक्लोफेनाक, निमेसुलाइड जैसी दवा पर प्रतिबंध, अभयारण्य के आसपास लगे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता और गिद्धों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा शामिल है। गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे मृत जानवरों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं। इस सर्वेक्षण में स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई, जिन्होंने गिद्धों के महत्व और उनकी घटती संख्या के प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद की। यह वृद्धि न केवल अभयारण्य के लिए, बल्कि समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में गिद्धों की बढ़ती संख्या से यह स्पष्ट होता है कि सही संरक्षण प्रयासों से संकटग्रस्त प्रजातियों की संख्या में सुधार संभव है।

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