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खबर-कुकड़ेश्वर की बेटी परिधि भटनागर ने मेवाड़ टॉक फेस्ट 3.0 में बनी युवाओं की प्रेरणा

कुकडेश्वर। राजसमंद में आयोजित साहित्य और संवाद के प्रतिष्ठित उत्सव, मेवाड़ टॉक फेस्ट 3.0, में नीमच जिले के कुकड़ेश्वर की बेटी परिधि भटनागर ने अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। अपनी प्रखर अभिव्यक्ति और गहन विचारों से परिधि ने कार्यक्रम में सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिला शिक्षा पर अपने विचार रखते हुए परिधि ने कहा, “महिलाओं की शिक्षा का इतिहास आदि-अनादि काल से जुड़ा हुआ है। वेदों में गर्गी, मैत्रेयी, और आपला जैसी विदुषी महिलाओं का उल्लेख मिलता है। यह धारणा पूरी तरह गलत है कि पहले महिलाओं को शिक्षा नहीं मिलती थी। हमारा किताबों से जुड़ाव बहुत पुराना है, लेकिन कहीं न कहीं हमें गुमराह किया गया है। परिधि ने वीरबाला मूवी की स्क्रीनिंग के दौरान कहा कि इस फिल्म का उद्देश्य महिलाओं की शक्ति को प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा, “महिलाएं हमेशा से सशक्त रही हैं।

हमारा कर्तव्य है कि हम समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करें और इस सशक्तता को आगे बढ़ाएं सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर परिधि ने गंभीर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “धर्म का मजाक उड़ाने वाले कंटेंट जो हमे देखने और पढ़ने के लिये मिलते है उन कंटेट पर रोक लगने के लिये उन्होंने युवाओं और समाज से अपील की कि वे सोशल मीडिया का सोच-समझकर उपयोग करें और ऐसे रुझानों को बढ़ावा न दें जो धर्म और संस्कृति का अपमान करते हैं। कार्यक्रम में परिधि भटनागर और सोशल मीडिया एक्सपर्ट योगेश राजपुरोहित ने आज के हनुमान लेखक चंद्रेश टेलर की पुस्तक का विमोचन किया। कुकड़ेश्वर में जन्मी परिधि ने न केवल एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के रूप में पहचान बनाई है, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी बन गई हैं। उनके विचार और कृतित्व हर किसी को दिशा प्रदान करने वाले हैं। परिधि भटनागर का मेवाड़ टॉक फेस्ट 3.0 में यह संदेश समाज को सकारात्मक दिशा देने और महिलाओं की शक्ति को पहचानने का आह्वान करता है। उनके विचार समाज में एक नई ऊर्जा का संचार करते हैं और युवा पीढ़ी को सशक्त और जागरूक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
 

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