गांधीसागर। अभयारण्य में दिनांक 17 से 19 फरवरी तक आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना हेतु वन मंडल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित किया गया। इस मौके पर वनमण्डलाधिकारी मंदसौर संजय रायखेरे ने उपस्थित स्टाफ एवं वॉलंटियर्स को गिद्ध की पहचान एवं उनसे जुड़े रोचक तथ्यों को साझा किया।
डीएफओ रायखेरे ने बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए एक अनुकूल वातावरण निर्मित किया जाना अनिवार्य है जिसमें गिद्धों के भोजन हेतु अबाधित क्षेत्र सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हाल ही में शासन ने गिद्धों के लिए हानिकारक वेटरनरी ड्रग डाइक्लोफिनेक के बाद निमेसुलाइड कॉम्बिनेशन के सभी ड्रग के उत्पादन एवं बिक्री पर रोक लगाई है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बाद गांधीसागर अभ्यारण्य में दूसरे सबसे अधिक संख्या में गिद्ध पाए जाते हैं।
गत वर्ष हुई गिद्ध गणना में संपूर्ण मंदसौर वनमण्डल में 850 गिद्ध पाए गए थे जिसमें अकेले गांधीसागर अभयारण्य में 800 से अधिक गिद्ध गणना में देखे गए जिसमें लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे इंडियन वल्चर, किंग वल्चर शामिल हैं। इनके अतिरिक्त प्रवासी गिद्ध प्रजातियां जैसे यूरेशियन ग्रिफोन, सिनेरियस गिद्ध भी बड़ी मात्रा में देखे गए। प्रशिक्षण के दौरान गेम रेंज अधिकारी ( पूर्व क्षेत्र ) पन्नालाल रायकवार, गेम रेंज अधिकारी (पश्चिम क्षेत्र ) अंकित सोनी एवं वन परिक्षेत्राधिकारी भानपुरा अंकित भदौरिया एवं वनमण्डल का समस्त स्टाफ एवं वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।